जिम का बिजनेस कैसे शुरू करें – How to Start a Gym Business in India

gym ka business kaise shuru kare

क्या आप खुद का जिम शुरू करना चाहते है और एक जिम बिजनेस प्लान (Gym Business Plan) की तलाश में हैं?

अगर आपको कोई आईडिया नहीं है कि कहां से शुरुआत की जाए, तो आप सही जगह पर आए है। इस आर्टिकल में हम आपको जिम बिजनेस के बारे में शुरू से लेकर अंत तक की पूरी जानकारी देंगे।

भारत में फिटनेस उद्योग हाल के दिनों में काफी तेज़ी से बढ़ा है जिसमें लोगो की दिलचस्पी के अलावा सरकारी पहल भी ज़िम्मेदार है। जैसा की आप जानते ही होंगे की वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा फिट इंडिया मूवमेंट (Fit India Movement) की शुरुआत की गयी थी, जिसके बाद भारतीय अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं और उन्होंने अपनी जीवन शैली पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।

हालांकि, स्वस्थ शरीर रखने का विचार भारतीयों के लिए कोई नई बात नहीं है – पुराने समय से योग और गांव में पाए जाने वाले देसी अखाड़े हमेशा से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहे हैं।

मगर बहुत से लोगों के पास समय की कमी और शहरीकरण से लोग इन सब से दूर हो गए है और आधुनिक जिम को ज़्यादा महत्व देने लगे है। जिम का बिजनेस शहरों के साथ-साथ गांव में भी काफी फलने फूलने लगा है, जिससे इस व्यापार में मुनाफ़े की क्षमता में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

एक नया जिम खोलने के लिए काफी प्लानिंग करनी पड़ती है, और जब आप सही तरह से सभी प्रक्रियाओं को फॉलो करते है तो ये करना काफी आसान हो जाता है।

यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमे आप एक बार पैसे लगाकर मोटी कमाई कर सकते हैं। चलिए जानते है जिम का बिजनेस (Gym Business) कितने में और कैसे शुरू किया जाये।

जिम बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to start your own gym business in India)

भारत में जिम बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको थोड़ा रिसर्च करना होगा। उदाहरण के लिए: किस एरिया में जिम खोलने जा रहे है, उस एरिया के कस्टमर जिम में कितना रुपए देने में सक्षम है, एक्सरसाइज की मशीन में होने वाला खर्च (cost of exercise equipments), जिम का रजिस्ट्रेशन इत्यादि।

हालांकि, इस व्यवसाय में निवेश करने की कोई निश्चित सीमा तो निर्धारित नहीं है, मगर औसतन एक जिम खोलने का खर्च लगभग 5 से 10 लाख रुपए तक आता है।

स्थानीय मार्केट का रिसर्च (Local Market Research)

सबसे ज़रूरी चीज़ है सही मार्केट का चुनाव। यही रिसर्च किसी भी बिजनेस को सफल या असफल बनाती है और बाज़ार के विश्लेषण के बिना कोई भी जिम व्यवसाय योजना पूरी नहीं होती है।

आपको ये पता करना होगा की जहां पर भी आप जिम खोलना चाह रहे है वहां पर अधिकतर किस आयु वर्ग के लोग रहते हैं। ये बहुत ही ज़रूरी कदम है, क्यूंकि जहाँ पर ज़्यादा वरिष्ठ नागरिक हो वहां पर जिम खोलना अच्छा साबित नहीं होगा क्यूंकि वो ज़्यादातर योग (Yoga) करने या फिर टहलने में विश्वास रखते है।

आपको 16 वर्ष से लेकर 45 वर्ष के लोगों को टारगेट करना है, क्योंकि इस उम्र के लोग ज़्यादा कसरत करना पसंद करते है। जहाँ पर युवा वर्ग ज़्यादा हो वहां पर जिम के चलने की सम्भावना भी ज़्यादा होती है। इसलिए इस बात का ज़रूर ध्यान रखें।

किस प्रकार का जिम चुने (Type of Gyms)

चलिए आपने सही मार्केट का चयन तो कर लिया मगर आपको अब ये देखना है की किस प्रकार का जिम बनाये। आमतौर पर मार्केट में दो प्रकार के जिम उपलब्ध है:

पहले प्रकार के जिम में पारंपरिक बॉडीबिल्डिंग (Bodybuilding) होती है जिसमे वेट ट्रेनिंग के साथ साथ कार्डिओ की मशीन (Cardio machines) भी उपलब्ध रहती है। जिन लोगों को बॉडी बनानी होती है वो इस तरह के जिम को चुनते है। आपको इस प्रकार के जिम भारत के अधिकांश भागों में देखने को मिल जायेंगे क्योंकि यह आम लोगों के बीच काफी प्रचलित है।

दूसरे प्रकार में आपको फिटनेस सेंटर या फिर फिटनेस क्लब देखने को मिल जायेंगे। ये पारम्परिक जिम से काफी अलग होते है इनमे वज़न उठाना जैसी गतिविधियां नहीं होती। इसमें आपको ज़ुम्बा क्लासेज, एरोबिक्स या फिर मर्शिअल आर्ट जैसे ट्रेनिंग दिखने को मिलेगी। इन में वो लोग जाते है जिनका उद्देश्य अपनी बॉडी को बस फिट रखना होता है।

इसलिए आप जिस भी प्रकार का चुनाव करें, ध्यान रखें की वो आपके टार्गेटेड ग्राहकों को पसंद है या नहीं।

जिम के लोकेशन का चुनाव (Decide the GYM Location)

आप ऐसी जगह अपना जिम तो बिलकुल नहीं खोलना चाहेंगे जहां पर पहले से जिम उपलब्ध हो। क्यूंकि उनका कस्टमर बेस पहले से ही वहाँ स्थापित है और किसी नए जिम बिजनेस का उनसे प्रतिस्पर्धा करना आसान नहीं होगा। ऐसी जगह चुनें जहां पर जिम की संख्या कम हो या फिर बिलकुल भी न हो।

इसके अलावा ऐसी जगह का चुनाव करें जहाँ पर आपके कस्टमर आसानी से आ जा सकते है और उसे ढूंढ़ने में ज़्यादा परेशानी न हो। जिम एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें अच्छी लोकेशन बहुत ज़्यादा निर्भर करती है।

यह महत्वपूर्ण है कि आप ऐसे स्थान पर जिम का निर्माण या फिर किराए पर लें जो अधिक से अधिक किसी मोहल्ले के करीब हो, इससे आप आसपास के लोगों को आकर्षित कर पाएंगे। ज़्यादातर लोग ऐसा जिम पसंद करते है जहां पर वो जल्द से जल्द पहुँच सके इसलिए अपने जिम को अधिक से अधिक आस-पड़ोस के बगल में रखना सबसे स्मार्ट प्लेसमेंट विकल्प होगा।

जिम के लिए मशीन का चुनाव (List of essential gym equipments)

अगर आप इस बिजनेस में नए हो तो सही उपकरण ढूंढना मुश्किल साबित हो सकता है। यह एक बड़ा निवेश है और आपको पूरी सावधानी से इसपर विचार करके ही खरीदना होगा। जिम के इक्विपमेंट ही ऐसी चीज़ है जिसपर लोगों का ध्यान सबसे पहले जाता है, और आपके पास जितने अच्छे मशीन और उपकरण होंगे उतने ही कस्टमर भी बढ़ेंगे।

एक सामान्य जिम में मशीन और अन्य उपकरण को खरीदने के लिए आपको लगभग 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक का निवेश करना होगा।

आप सही निर्णय ले पाए और आपका कुछ समय बचे इसके लिए हम कुछ ज़रूरी जिम के मशीनो की लिस्ट जारी कर रहे है:

>>स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लिए मशीन (Strength Training Machine)

  • स्मिथ मशीन (Smith Machine)
  • डंबल सेट (Dumbbell Set)
  • बारबेल सेट (Barbell Set)
  • वेटलिफ्टिंग प्लेट (Weightlifting Plates)
  • अडजस्टेबल ट्रेनिंग बेंच (Adjustable Training Bench)
  • प्रीचर बेंच (Preacher Bench)
  • लेग प्रेस मशीन (Leg Press Machine)
  • केबल क्रॉसओवर मशीन (Cable Crossover Machine)
  • सीटेट केबल रो मशीन (Seated Cable Row)
  • लैट पुल डाउन मशीन (LAT Pull Down Machine)

>>कार्डिओ के लिए मशीन (Cardio Machine)

कार्डिओ के लिए आप 2 से लेकर तीन मशीन का चुनाव कर सकते है:

  • ट्रेडमिल (Treadmill)
  • एलिप्टिकल (Elliptical machine)
  • रोइंग मशीन (Rowing machine)

अगर आप बजट में हैं तो भारतीय ब्रांड की तरफ जाए जैसे की जेराई फिटनेस (Jerai Fitness), क्यूंकि इनकी मशीन विदेशी ब्रांड से कम दाम पर मिल जाते है मगर क्वालिटी उच्च स्तर की ही होती है। हालांकि अगर आप मार्केट में पता करें तो आपको और भी कई लोकल ब्रांड मिल जायेंगे। इसके अलावा बहुत सारे बड़े जिम अपने पुराने इक्विपमेंट्स (Old Gym Equipment) समय-समय पर बेचते रहते है आप उसपर भी नज़र बनाए रख सकते हैं।

यह बस कुछ उदाहरण है जिससे आपको कुछ आईडिया हो जाये की एक नए जिम में कौन सी मशीन रख सकते हैं। आखिरी फैसला आपका है, आप अपने रूम स्पेस और बजट के अनुसार मशीनों का चयन करें।

जिम से कितना कमा सकते है?

यह पूरी तरह से जिम के द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं, मशीन, जिम के आकार और सबसे महत्वपूर्ण शहर और शहर के किस प्रकार के क्षेत्र पर निर्भर करता है। अगर जिम काफी भीड़भाड़ वाले इलाके में स्तिथ है तो वहां कमाई भी ज़्यादा होगी।

उदाहरण के तौर पर भारत में एक औसत जिम ₹700 से ₹1000 रुपए हर महीने चार्ज करता है। अगर आपके जिम में लगभग 100 सदस्य हैं जो प्रतिमाह 1000₹ का भुगतान करते हैं। तो कुल आय प्रति माह लगभग 1 लाख रुपए तक की हो सकती है। बड़े जिम तो इससे दस गुना ज़्यादा तक कमाते है।

जिम मेंबरशिप का विकल्प: मासिक सदस्यता या वार्षिक सदस्यता?

जिम की मेम्बरशिप दो तरह की होती है: मासिक सदस्यता अनुबंध (Monthly Gym Membership) और वार्षिक सदस्यता अनुबंध (Yearly Gym Membership)

जैसा की हमने पहले ही बताया की जिम आमतौर पर सदस्यता के लिए INR 700 से INR 1000 प्रति माह के बीच शुल्क लेते हैं, इसे मासिक सदस्यता अनुबंध कहते है।

इसके अलावा एक वार्षिक सदस्यता अनुबंध भी होता है जिसमे सदस्यों को एक वर्ष (या बहु-वर्ष) पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होती है। इसमें जिम आने के लिए राशि एक बार में ही ले ली जाती है। इस तरह का प्लान जिम मालिक के लिए फायदे का सौदा होता है, अगर किसी कारणवश ये मेम्बरशिप लेने के बाद कस्टमर जिम नहीं आता तो आपको कोई नुकसान नहीं होता क्यूंकि पूरा भुगतान आपको पहले ही हो चुका होता है।

कई जिम मालिक वार्षिक सदस्यता अनुबंध में छूट देते हैं जिससे ज़्यादा से ज़्यादा सदस्य मासिक अनुबंध छोड़कर इसे ही चुने। अगर मासिक अनुबंध में आप 1000 रुपए चार्ज करते है तो वार्षिक अनुबंध में इसे कुछ कम कर 11,000 रूपए कर दें, इससे लोग इसकी तरफ आकर्षित होंगे क्यूंकि उनका हज़ार रूपए साल का बचेगा।

आपको जिस भी तरह का मेम्बरशिप आईडिया पसंद आये उसे आप अपने जिम में लागू कर सकते है।

जिम का प्रचार और मार्केटिंग कैसे करें?

वर्ड ऑफ़ माउथ और स्थानीय विज्ञापन नई सदस्यता प्राप्त करने के दो प्राथमिक तरीके हैं। आप अपने शहर के स्थानीय न्यूज़ पेपर में भी विज्ञापन दे सकते है और पहली बार सदस्य बनने वालों के लिए छूट दे सकते हैं। आजकल सोशल मीडिया का ज़माना है आप इसका भी इस्तेमाल करके अपने शहर और मोहल्ले के लोगों को आकर्षित कर सकते है। एक बार आपके जिम में लोग आने लगे उसके बाद वो खुद ही अपने दोस्त या रिश्तेदार को आपके जिम के बारे में बताएँगे और ये सिलसिला चलता रहेगा।

भारत में जिम का लाइसेंस कैसे प्राप्त करें?

भारत में अपना जिम या फिटनेस सेंटर को शुरू करने के लिए स्थानीय पुलिस विभाग की मंजूरी आवश्यक है। इसके लिए आप ऑनलाइन आवेदन दे सकते है या फिर व्यक्तिगत रूप से अपने स्थानीय पुलिस विभाग से संपर्क कर सकते है, अगर सबकुछ ठीक रहा तो वो आपको एनओसी (NOC) दे देते है।

जिम के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया (Gym Registration Process in India)

भारत में जिम के व्यवसाय का रजिस्ट्रेशन आप प्रोपराइटरशिप फर्म (Proprietorship Firm) या प्राइवेट लिमिटेड फर्म (Private LTD firm) के रूप में कर सकते है। अगर आप इस तरह के फर्म का चुनाव करते है तो भविष्य में किसी कारण अगर आपका जिम नहीं चलता है तो उसे आसानी से बेच पाएंगे।

यदि आप अपना जिम खुद ही चलाना चाहते है तो OPC रजिस्ट्रेशन (One Person Company) का ऑप्शन आपके लिए सही रहेगा।

(नोट: किसी भी तरह के फर्म का चुनाव करने से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से संपर्क करें, वह आपको लीगल तरीके के ज़रिये इन जटिल समस्याओं का समाधान दे पाएंगे।)

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