टॉप 10 सबसे लोकप्रिय रीसाइक्लिंग बिजनेस आइडियाज | Recycling Business Ideas in Hindi

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Recycling Business Ideas: रीसाइक्लिंग का व्यवसाय दुनिया के सबसे आकर्षक व्यावसायिक विचारों में से एक है जिसे अभी भी बहुत खोजा जाना बाकी है। हमारे आसपास कई प्रकार की सामग्रियां हैं जिनको रीसायकल करके फिर से उपयोग करने योग्य बनाया जा सकता है।

वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों में धीरे-धीरे कमी आ रही है, अगर यह इसी प्रकार से चलता रहा तो हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए संसाधनों का आकाल पड़ जायेगा। इसलिए, संसाधनों को बचाने के साथ-साथ अपनी दैनिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए हमें विभिन्न प्रकार के विकल्पों की तलाश करनी होगी। इन सभी परेशानियों से निपटने का एकमात्र तरीका है रीसाइक्लिंग।

हमारे दैनिक जीवन में जिस प्रकार से दिन प्रतिदिन चिंताजनक दर से कचरे का अंबार लग रहा है उससे निजात दिलाने के लिए आप रीसाइक्लिंग प्लांट लगा सकते हैं। जिससे आपको अच्छा मुनाफा तो होगा ही साथ ही में आप समाज की सेवा कर पाएंगे और वातावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद करेंगे।

इन दिनों रीसाइक्लिंग से जुड़े उद्योग में नए उद्यमियों के लिए बहुत सारे अवसर उपलब्ध हैं। जिस प्रकार से लोग रीसायकल किए हुए सामान का बहुतायत मात्रा में उपयोग करने लगे हैं, अलग-अलग पदार्थो से जुड़े हुए रीसाइक्लिंग प्लांट की मांग बढ़ती जा रही है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, रीसाइक्लिंग और कचरे से जुड़े उद्योग का टर्नओवर 2022 तक 34.32 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो कि 2015 से 2022 तक 15.7% की सीएजीआर से बढ़ रहा है। इसलिए, अगर आप रीसाइक्लिंग व्यवसाय शुरू करके पैसा कमाना चाहते हैं तो यह आपके लिए सबसे उत्तम समय है।

आज, हम आपको दुनियाभर में 10 सबसे लाभदायक रीसाइक्लिंग बिजनेस आइडिया के बारे में बताएँगे, जिन्हें कम निवेश लगाकर शुरू किया जा सकता है।

1. वेस्ट पेपर रीसाइक्लिंग बिज़नेस (Waste Paper Recycling Business)

जैसा की आप जानते ही होंगे, जिस कागज का उपयोग हमलोग दैनिक जीवन में करते हैं वह पेड़ की छाल और लकड़ियों से बनाया जाता है। इसका मतलब यह हुआ की जितना हम कागज़ का उपयोग करते हैं उसके लिए उतने ही पेड़ काटने पड़ते है।

जिसका पर्यावरण पर बहुत ही अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और यह हमारे अस्तित्व के लिए खतरा है। क्योंकि, पेड़-पौधे ऑक्सीजन का एकमात्र ज़रिया है और अगर हम इनकी अंधाधुंध कटाई करते रहें तो वातावरण में ऑक्सीजन की कमी होने का खतरा उत्पन्न होने लगेगा, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अति हानिकारक साबित हो सकता है।

वेस्ट पेपर रीसाइक्लिंग सबसे पुराने, सरल और प्रसिद्ध रीसाइक्लिंग व्यवसाय में से एक है, जिसे पूरे विश्व में दशकों से रीसायकल किया जा है।

पेपर एक इको-फ्रेंडली पदार्थ है जो की वातावरण और हमारे स्वास्थ को कोई हानि नहीं पहुंचाता है, जिसके कारण इसकी मांग बाज़ार में हमेशा बनी रहती है। एक बार उपयोग कर लेने के बाद इसे फिर से रीसाइक्लिंग के द्वारा उपयोग करने योग्य बनाया जा सकता है।

इसका बिज़नेस मॉडल काफी सरल है: मार्किट में इसकी डिमांड हमेशा रहती है और स्क्रैप पेपर भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इस कारण से वेस्ट पेपर रीसाइक्लिंग का बिज़नेस काफी मुनाफा देने वाला साबित हो सकता है , क्यूंकि आपको बस डिमांड और सप्लाई का ध्यान रखना है आर्डर आपके पास खुदबखुद आने लगेगा।

इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको करीब 3-5 लाख रूपए तक का निवेश करना होगा, जिसके बाद आप अपना वेस्ट पेपर रीसाइक्लिंग प्लांट लगा पाएंगे।

2. प्लास्टिक रीसाइक्लिंग बिज़नेस (Plastic Recycling Business)

एक आंकड़े के अनुसार, पुरे विश्व में हर साल लगभग 400 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है, जिसकी रफ़्तार दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हैरानी की बात तो यह है की इसमें से सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत कचरे की रीसाइक्लिंग हो पाती है और बाकी 80% कचरा वातावरण में ऐसे ही पड़ा रहता है, जिसके कारण वातावरण में प्रदुषण के स्तर में वृद्धि होती है।

प्लास्टिक रीसाइक्लिंग प्लांट लगाकर आप इस आपदा को अवसर में बदल सकते है। प्लास्टिक के कचरे को एक निश्चित चरण तक रीसायकल करके आप न केवल अच्छा पैसा कमा सकते हैं बल्कि वातावरण को स्वच्छ रखने में भी अपना योगदान दे सकते हैं। प्लास्टिक कचरे का रीसायकल करके आप उससे प्लास्टिक से जुड़े उत्पाद बना सकते हैं जैसे की पॉलिथीन, प्लास्टिक की बोतलें, टब इत्यादि।

हालांकि, एक समय के बाद ऐसा भी दौर आएगा की प्लास्टिक को उस हद के बाद रीसायकल नहीं कर पाएंगे, क्योंकि वह मानव उपयोग के लिए व्यावहारिक नहीं रह पाएगा। मगर, उस तरह के प्लास्टिक अवशेष का भी उपयोग सड़क निर्माण में किया जा सकता है।

छोटे स्तर पर इस बिज़नेस को स्थापित करने में कुल खर्च करीब 20 से 25 लाख रूपए तक आ सकता है।

3. एल्यूमिनियम वेस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस (Aluminum Waste Recycling Business)

दुनिया में सबसे अधिक रीसाइक्लिंग की जाने वाली धातु है एलुमिनियम। इसका उपयोग व्यापक तौर पर हर कोई करता है। जाने-अनजाने में आपने भी कितने ही एलुमिनियम से जुड़े डब्बों का उपयोग किया होगा। आपको अपने शहर में बहुत से एलुमिनियम कैन रास्ते में पड़े मिल जायेंगे, और इन्ही से आप इस व्यवसाय को चला सकते हैं।

अगर आप रीसाइक्लिंग बिज़नेस में किसी सरल उत्पाद को रीसायकल करने की सोच रहे हैं तो आप एल्यूमिनियम वेस्ट रीसाइक्लिंग से अपनी शुरुआत कर सकते हैं। यह व्यवसाय काफी सीधा-साधा है, आपको अपने शहर या उसके आसपास से एलुमिनियम के डब्बों को विभिन्न तकनीकों द्वारा इकठ्ठा करना है या फिर किसी स्क्रैप यार्ड से हासिल करना है।

उसके बाद एलुमिनियम वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट में ले जाकर, इन कैन/डिब्बों को रीसायकल करना है और आपके पास जैसी डिमांड है उसके अनुरूप नए उत्पाद बनाने है। इस बिज़नेस में उद्यमी को प्रॉफिट मार्जिन भी 15-20% तक का मिल जाता है।

यह व्यवसाय थोड़ा खर्चीला है और पूरी तरह से एक एलुमिनियम वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट बनाने में उद्यमी को 40 से 50 लाख रूपए तक का प्रारंभिक निवेश करना पड़ सकता है।

4. फ़ूड वेस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस (Food Waste Recycling Business)

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार पूरी दुनिया में हर साल करीब 1.3 बिलियन टन भोजन बर्बाद हो जाता है। इसकी बर्बादी खाद्य प्रणाली के विभिन्न स्तरों पर होती है जैसे की खेती, परिवहन, खुदरा बिक्री, खाना बनाना और उपभोग करना।

इस बर्बाद भोजन को उद्यमी रीसायकल करके, जैव ईंधन और जैविक उर्वरक बना सकते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ इसकी मांग सबसे ज़्यादा है वहां सप्लाई कर सकते हैं। फ़ूड वेस्ट रीसायकल करने में किसी भी प्रकार के हानिकारक पदार्थ उत्सर्जित नहीं होते, जिससे यह बिज़नेस काफी सेफ हो जाता है और आसानी से इसकी इकाई स्थापित की जा सकती है। सबसे अच्छी बात यह है की इसकी सप्लाई में कमी नहीं होती क्यूंकि हर दिन बड़ी मात्रा में फ़ूड वेस्ट किया जाता है और जिससे मार्केट में इसकी उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है।

5. वर्मीकम्पोस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस (Vermicompost Recycling Business)

अगर आप किसी गांव या क़स्बे से ताल्लुख रखते हैं, तो वर्मीकम्पोस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस आपके जीवन को आर्थिक रूप से बदल सकता है। गांव में बहुत से लोग खेतीबाड़ी करते हैं जिसके लिए उन्हें अच्छे उर्वरक की आवश्यकता हमेशा ही रहती है। इस समस्या का निपटारा आप कर सकते है, वर्मीकम्पोस्ट की सप्लाई करके।

इसके लिए आपको जानवरों के अपशिष्ट पदार्थ, फ़ूड वेस्ट, फलों के छिलके और सब्जियों को इकट्ठा करके वर्मीकम्पोस्ट पिट में डाल देना है, और उसे कुछ महीनों के लिए ढक देना होगा। लगभग 3 से 4 महीनों के बाद जब वह कम्पोस्ट तैयार हो जायेगा तो उसे आप लागत के दोगुने दाम पर बेच पाएंगे।

इस बिज़नेस की शुरुआत करने के लिए आपको लगभग 5 लाख रूपए तक का निवेश करना पड़ सकता है।

जिस प्रकार से भारत सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, वर्मीकम्पोस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस का भविष्य उज्जवल ही दिख रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी बढ़ती उर्वरता के कारण इस खाद की कीमत में हर साल उछाल देखा जा रहा है।

6. इ-कचरा रीसाइक्लिंग बिज़नेस (E-waste Recycling Business)

संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी के बाद शीर्ष ई-कचरा उत्पादक देशों में भारत का स्थान दुनिया में पांचवें पर है। ई-कचरे को विदेशों में बड़ी चिंता का एक कारण माना गया है, लेकिन भारत में इसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

अगर आंकड़ों की बात की जाये तो, भारत में प्रतिवर्ष करीब 2 मिलियन टन इ-कचरा उत्पन्न होता है मगर उसमे से सिर्फ 2% कचरा ही रीसायकल हो पता है। अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक कचरे को नदियों, झीलों और नहरों में फेंक दिया जाता है, जिससे जल स्रोत प्रदूषित होते है और पर्यावरण को भी बहुत हानि पहुँचती है।

इस बिज़नेस में नए उधमियों के लिए अपार संभावनाए हैं बशर्ते आप इससे जुड़ी नियामवली का पूरी तरीके से पालन करें। जिस प्रकार इस व्यवसाय में हानिकारक धातुओं का इस्तेमाल होता है, आपको रीसायकल के समय कुछ सावधानियाँ बरतनी होगी और इ-वेस्ट से जुड़े एक्सपर्ट को अपनी टीम में रखना होगा। ताकि आप सही दिशानिर्देशों का पालन करके रीसाइक्लिंग प्लांट को स्थापित कर सके, जिससे वातावरण में कम से कम हानिकारक गैसों का उत्सर्जन हो पाए।

इलेक्ट्रॉनिक कचरे के तहत आने वाले उपकरण हैं: बेकार कंप्यूटर का मॉनिटर, मदरबोर्ड, सर्वर, प्रिंटर,डॉक्यूमेंट स्कैनर, कैलकुलेटर, फैक्स मशीन, स्मार्ट फ़ोन और चार्जर, कॉम्पैक्ट डिस्क, हेडफोन, टेलीविजन सेट, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन इत्यादि।

एक इ-वेस्ट प्लांट लगाने के लिए आपको करीब 500 sq. mtr. जगह की आवश्यकता पड़ेगी जो की आबादी से कहीं दूर होनी चाहिए, और लगभग 10 लाख रुपए तक का शुरुआती निवेश करना होगा। इस बिज़नेस का ROI काफी अच्छा है जो की 20-22% तक है।

7. कांच का रीसाइक्लिंग व्यवसाय (Glass Recycling Business)

पेपर और मेटल की तरह, कांच को भी 100% तक रीसायकल किया जा सकता है। यह काफी आसानी से पिघल जाने वाली सामग्री है और पिघलने के बाद इसे किसी भी प्रकार की आकृति में ढाला जा सकता है।

पीने के गिलास, बोतल, सुन्दर मूर्तियों से लेकर आपके कार की विंडस्क्रीन तक, यह दुनिया में सबसे ज़्यादा उपयोग में लाये जाने वाले उत्पादों में से एक है। हालांकि, सभी प्रकार के कांच से बनी हुई वस्तुओं को रीसायकल नहीं किया जा सकता जैसे कि वाहन की विंडशील्ड, पाइरेक्स और खिड़की के शीशे या टूटे हुए शीशे।

अपशिष्ट कांच को इकट्ठा करने के लिए आप अपने शहर के स्थानीय रेस्तरां, दुकानों, बार और रीसाइक्लिंग प्लांट के साथ संपर्क बना सकते हैं, जहाँ से आपको आसानी से माल मिल जाये। एक बार अपशिष्ट कांच को इकट्ठा कर लेने के बाद, इस कांच को मशीन द्वारा छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है और साफ किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद, इस कांच को रेत जैसे अन्य घटकों के साथ मिलाया जाता है, और फिर पिघलाकर डिमांड के अनुसार उसी आकार में ढाला जाता है।

एक छोटे उद्यमी के रूप में, सबसे पहले आपको यह निर्णय लेना होगा कि कांच को रीसायकल करके किस तरह का प्रोडक्ट तैयार किया जाए, उदाहरण के लिए बीयर की बोतल, अचार के जार, खाने की बोतलें और शराब की बोतलें इत्यादि। उस प्रोडक्ट की मार्केट में डिमांड क्या है और सबसे महत्वपूर्ण बात बने हुए पदार्थ को बेचने पर उसकी कीमत कितनी मिलेगी। एक बार अच्छी तरह से मार्केट रीसर्च कर लेने के बाद आप कांच का रीसाइक्लिंग बिज़नेस शुरू कर सकते हैं।

8. टायर रीसाइक्लिंग बिज़नेस (Tyre Recycling Business)

एक सामान्य वाहन का टायर आमतौर पर रबर, कार्बन मिश्रण और नायलॉन से बनाया जाता है। अगर इन्हे जलाया जाये तो यह भारी मात्रा में हमारे वातावरण को प्रदूषित करते हैं और लैंडफिल में डंप करने पर उन्हें टूटने में काफी समय लगता है। इसका एक ही विकल्प है टायर को रीसाइक्लिंग करना।

टायर को रीसायकल करने करने के लिए आपको पायरोलिसिस संयंत्र (Pyrolysis Plant) लगाना होगा, जिसमें उद्यमी टायर की रीसाइक्लिंग करके विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट आउटपुट के रूप में निकाल सकते हैं। जैसे की हाइड्रोकार्बन गैस, पायरोलिसिस फ्यूल ऑयल, ब्लैक कार्बन पाउडर और स्टील की वायर।

एक टायर में से क्रमशः 10% गैस, 15% स्टील, 30% कार्बन पाउडर, और 45% पायरोलिसिस फ्यूल ऑयल प्राप्त होता है।

पायरोलिसिस संयंत्र (Pyrolysis Plant) लगाने में करीब 15 से 20 लाख रुपये तक का निवेश करना पड़ सकता है, जिसमे लाइसेंस की फीस शामिल नहीं है। इस तरह के बिज़नेस की शुरुआत करने में आपको खर्च तो ज़्यादा करना पड़ता है, मगर यकीन मानिये एक बार संयंत्र लग जाने के बाद उद्यमी को लाभ भी उतना ही होता है।

9. कृषि अपशिष्ट रीसाइक्लिंग बिज़नेस (Agricultural Waste Recycling Business)

आज के समय में कृषि अपशिष्ट (agricultural waste) हमारे देश के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गयी है। एक बार फसल कट जाने के बाद खेतों में फसल का बहुत अधिक मात्रा में वेस्ट रह जाता है, जिसे आम भाषा में पराली भी कहते है। किसानों के पास उस पराली को जलाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता, जिससे वातावरण में प्रदुषण बढ़ता है और सांस सम्बन्धी समस्याएं भी देखने को मिलती है।

अगर आप इस बिज़नेस से जुड़ते हैं तो न सिर्फ आपको लाभ होगा बल्कि पर्यावरण को भी आप बहुत कुछ देंगे।

इच्छुक उद्यमी इस कृषि अपशिष्ट (Agricultural Waste) जैसे की गेंहू और चावल की फसल से निकला हुआ स्ट्रॉ को पल्प में परिवर्तित करके पैकेजिंग में प्रयोग होने वाला कार्टून बॉक्स, कप, बाउल और डिस्पोजेबल प्लेट्स बना सकते है। इन उत्पादों की कीमत प्लास्टिक से बने उत्पादों जितनी ही होती है, और आप इसे मार्केट में आसानी से बेच सकते हैं।

इसका कच्चा माल भी काफी आसानी से और कम दाम पर उपलब्ध हो जाता है, क्यूंकि एक बार फसल कट जाने के बाद कृषि अपशिष्ट किसान के काम की रह नहीं जाती। इसके लिए आप अपने क्षेत्र के किसानों से संपर्क कर सकते हैं और सीधे उनसे ही कच्चा माल खरीद कर रीसाइकल प्लांट में यूज़ कर सकते हैं।

10. पुराने कपड़ों का रीसाइक्लिंग बिज़नेस (Fabric Waste Recycling Business)

लगभग सभी के घरों में पुराने कपड़े होते ही हैं, और एक समय के बाद वो हमारे किसी काम नहीं रहते तो हम उन्हें फेंक देते हैं। मगर क्या आप जानते हैं इन कपड़ो को रीसायकल करके पैसा भी कमाया जा सकता है? जी हाँ, पुराने कपड़ों की रीसाइक्लिंग करना आज एक बड़े उद्योग का रूप ले चूका है और बहुत से उद्यमी इससे लाखो का मुनाफा कमा रहे हैं। इस बिज़नेस को कोई भी व्यक्ति शुरू कर सकता है और कम निवेश करके बड़ा लाभ बना सकता है।

इस उद्योग के लिए उद्यमी को कच्चा माल गारमेंट एक्सपोर्ट इंडस्ट्री, रेडीमेड गारमेंट की फैक्ट्री में बचा वेस्ट और अपने शहर के विभिन्न टेलर की दुकान से प्राप्त हो सकता है। इसके बाद इस फैब्रिक वेस्ट को रीसायकल करके बेडिंग इंडस्ट्री, नॉन-वोवन इंडस्ट्री, सोफ़ा इंडस्ट्री, और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री इत्यादि में सप्लाई किया जा सकता हैं।

इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए आपको करीब 4000 वर्ग फ़ीट की जगह चाहिए होगी जहाँ पर आप कच्चा माल, मशीन और अन्य ज़रूरी चीज़े रख पाएंगे। एक यूनिट लगाने में कुल खर्च लगभग 25 से 30 लाख रुपए तक का आ सकता है, जिसमें रीसायकल में प्रयोग की जाने वाली विभिन्न प्रकार की मशीन, बिजली के उपकरण, ऑफिस के लिए फर्नीचर और कुछ ज़रूरी चीज़े शामिल है।

अगर आपका फैब्रिक रीसायकल यूनिट पूरे महीने फुल कैपेसिटी में चलता है तो मंथली टर्नओवर 10-12 लाख रुपए तक का हो सकता है, जिसमे फैक्ट्री से जुड़े खर्च को हटा दिया जाये तो करीब 1 लाख से लेकर 1.5 लाख तक का मुनाफा हो सकता है।

समापन

बेकार उत्पादों को परिवर्तित करके उपयोग में लाने तथा उस कचरे को धन में बदलने का सबसे अच्छा तरीका रीसाइक्लिंग है। जिस प्रकार से लोगों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है रीसाइक्लिंग का व्यवसाय ज़्यादा रिटर्न देने के साथ आकर्षक व्यवसाय भी बन गया है। नए उद्यमी इस मौके का फायदा उठा रहें है, और सरकारे भी रीसायकल से जुड़े व्यवसाय को सब्सिडी देने में आगे आ रहीं है, अगर आप भी इस व्यवसाय से जुड़ना चाहते हैं तो इससे अच्छा मौका आपको कभी नहीं मिल सकता।

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